शिक्षकों के लिए कालांश विभाजन

साप्ताहिक कालांश-व्यवस्था
1. प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक : 12
2. व्याख्याता : 33(11-12 में लेने के बाद शेष 9-10 में)
3. व. अ. : 36 (9-10 में लेने के बाद शेष 11-12 या 6-8 आवश्यकतानुसार)
4. अध्यापक L2 : 42(6-8 लेने के बाद शेष 9-12 एवं 1-5 आवश्यकतानुसार)
5. अध्यापक L1 : 42(1-5)
6. सह शैक्षिक गतिविधियों का समानुपातिक वितरण।


विभागीय नियम



1. विषय अध्यापकों द्वारा यथासंभव सम्बंधित विषय का शिक्षण।
2. एक शिक्षक से दो से अधिक विषयों का शिक्षण नहीं।
3. भाषा शिक्षक को 3, प्रवृत्ति प्रभारी की 3, परीक्षा प्रभारी को 12 कालांश भार माना जाएगा।
4.उच्च कक्षाओं में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान के कालांश यथासंभव मध्यांतर पूर्व।
5. एक विषय या एक शिक्षक के कालांश एक कक्षा में लगातार नहीं।
6.प्रयोगशाला/पुस्तकालय/कंप्यूटर कक्ष में एक साथ एक से अधिक कक्षाओं के कालांश नहीं।
7.समय विभाग चक्र की प्रति कार्यालय एवं स्टाफ रूम में चस्पा की जाए।
(ओमप्रकाश सारस्वत, उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा
बीकानेर मण्डल, बीकानेर के लेख से साभार)

Post a Comment

5 Comments

  1. PS school में जहाँ 1 या 2 अध्यापक हैं, कृपया उनका टाइम टेबल भी यदि उपलब्ध करवा सको तो बड़ी मेहरबानी होगी

    ReplyDelete
  2. Senior secondary school me class 1-5 tak pad bhare hone par bhi kya level 2 ko 1-5 tak period diye ja sakte hai iska koi aadesh ho to uplabd karwye

    ReplyDelete
    Replies
    1. हालांकि पद भरे होने पर L-2 को L-1 कक्षाओं में कालांश देना सही नहीं कहा जा सकता है लेकिन संस्था-प्रधान शैक्षणिक व्यवस्था के लिए ऐसा कर सकते हैं. यह पूर्णत: स्टाफ के आपसी सामंजस्य पर निर्भर करता है.

      Delete
  3. क्या एक सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान द्वितीय श्रेणी अध्यापक को नवी दसवीं में गणित पढ़ने के लिए बाध्य किया जा सकता है जबकि विद्यालय में level-2 गणित विज्ञान अध्यापक मौजूद हो

    ReplyDelete
  4. Kya Ek Senior Secondary School mein Vigyan dwitiya Shreni Adhyapak ko kaksha 8 ke Vigyan padhane ke liye badhya ki Ja sakta hai jabki Vidyalay Mein level 2 ganit Vigyan ka Shikshak maujud Ho

    ReplyDelete